कोर्ट मैरिज क्या है? कोर्ट मैरिज कैसे करें? फीस, आयु सीमा आदि की पूरी जानकारी

हर व्यक्ति का अच्छे कैरियर के साथ – साथ सपना होता है कि उसे अच्छा जीवन साथी मिले जिसके साथ वह अपना अच्छा जीवन व्यतीत कर सके। अच्छा जीवन साथी पाने के लिए लड़की और लड़के को आपस मे परंपरागत शादी करनी होती है। लेकिन दोस्तो परंपरागत समारोह की तरह शादी करने पर काफी पैसे ख़र्च होते है। ऐसे में आज अधिकांश लोग कोर्ट मैरिज (court marriage) की तरफ रुख करते है।

कोर्ट मैरिज शादियों का प्रचलन आज काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है, इसका कारण की कोर्ट मैरिज (court marriage) करने से शादी में होने वाले लाखों रुपये का खर्च बच जाता है। इसके अलावा कोर्ट प्रेमी जोड़े जो परिवार के खिलाफ कोर्ट मैरिज शादी कर रहे है। लेकिन अभी अधिकांश लोग कोर्ट मैरिज शादी से अंजान है कि आख़िर क्या है? यह कब कर सकते है, इसके लिए पात्रता, दस्तावेज क्या होने चाहिए।

हो सकता है कि अगर आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ रहे है तो आप भी कोर्ट मैरिज शादी से अंजान होंगे। अगर हाँ तो अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नही है क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में कोर्ट मैरिज कैसे करें? फ़ीस, डाक्यूमेंट की पूरी जानकारी देने जा रहे है। जो कि आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। तो आइए जानते है –

कोर्ट मैरिज क्या है? What is Court Marriage

कोर्ट मैरिज शादी सामान्य परंपरागत समारोह शादी से काफी अलग होती है। जहां परंपरागत के अनुसार शादी करने के लिए लाखों पैसे खर्च होते है, वही कोर्ट मैरिज सामान्य खर्च पर शादी हो जाती है। परंपरागत शादी हिन्दू धर्म के अनुसार पंडित के सामने संपंन्न कराई जाती है। वही कोर्ट मैरिज शादी एक विशेष ऑफिसर के सामने कुछ दस्तावेजों के आधार पर सम्पन्न कराई जाती है।

आज जो परंपरागत समारोह के अनुसार शादी होती है उसमें ज्यादाता जाति, धर्म के अनुसार शादियाँ होती है। लेकिन कोर्ट मैरिज में अगर दंपत्ति बालिग है तो वह पसंद के अनुसार किसी धर्म, जाति के साथ कोर्ट मैरिज करके विवाह कर सकते है। कोर्ट मैरिज करने के लिए युवक और युवती दोनों को मैरिज ऑफिसर (marriage officer) के सामने पेश होना पड़ता है कोर्ट मैरिज रजिस्ट्रेशन फॉर्म (court marriage registration form) भरकर जमा करना होता है। इसके अलावा और कई शर्ते है जिन्हें पूरा करना होता है जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गयी है।

कोर्ट मैरिज क्या हैं कोर्ट मैरिज कैसे करें फीस, आयु सीमा आदि की पूरी जानकारी

कोर्ट मैरिज करने के लिए उम्र सीमा age limit for court marriage

कोर्ट मैरिज स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 (Marriage Act 1954) के अंतर्गत कोई भी युवक युवती अपने पसंद के अनुसार शादी कर सकते है लेकिन इस एक्ट के तहत कुछ शर्तें लागू की गई है जैसे कि कोर्ट मैरिज करने के लिए एक उम्र सीमा (age limit) निर्धारित की गई है। आयु सीमा की बात करे तो कोर्ट मैरिज करने के लिए लड़की की उम्र 18 बर्ष पूरी हो चुकी और लड़के की उम्र 21 बर्ष हो चुकी है। दोस्तो आपको बता दे कि अगर ऐज पूरी होने में एक भी दिन कम रहे गया तो कोर्ट मैरिज शादी नही हो सकेगी।

कोर्ट मैरिज करने के लिए जरूरी दस्तावेज Documents required for court marriage

जब कोई युवक युवती कोर्ट के शादी के रजिस्ट्रेशन करते है तो कोर्ट में इसके लिए कुछ जरूरी दस्तावेजों को आवश्यकता होती है। जो युवक – युवती के पास होना जरूरी है। जरूरी दस्तावेज कुछ इस प्रकार है –

  • पहचान पत्र के तौर पर युवक युवती के पास उनका आधार कार्ड होना बेहद जरूरी है। अगर आधार कार्ड नही होगा तो कोर्ट मैरिज शादी के लिए रजिस्ट्रेशन नही होगा।
  • चूंकि कोर्ट मैरिज एक लीगल ऐज पर ही हो सकती है इसलिए आयु सीमा प्रमाणित करने के लिए युवक – युवती के पास 10वीं या 12वीं की मार्कशीट होनी चाहिए।
  • दोनों लोगों योई पास 6 पासपोर्ट फ़ोटो होने चाहिए।
  • कोर्ट मैरिज का पंजीकरण करते समय लड़की और लड़का दोनों तरफ से 2 – 2 गवाह होने चाहिए।
  • गवाहों के पास पहचान के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड में से एक दस्तावेज होना चाहिए।

कोर्ट मैरिज कैसे करें? How to do Court Marriage

दोस्तो यह आज के युवती – युवाओं के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण सवाल बन गया कि आख़िर कोर्ट मैरिज कैसे करें? इसकी आवेदन प्रक्रिया क्या है? तो दोस्तो आज हम आपको बता दे कि कोर्ट मैरिज करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया नही है। इसके लिए युवक – युवती को जरूरी दस्तावेज और गवाहों के साथ जिले में मौजूद कोर्ट में जाकर अपना पंजीकरण कराना होता है। कोर्ट मैरिज रजिस्ट्रेशन (court marriage registration) करने पर कुछ शर्तों को पूरा करना होता है। जो कि निम्लिखित है –

  • कोर्ट मैरिज करने वाले युवक – युवती को रजिस्ट्रार के द्वारा एक नोटिस दिया जाता है जिसमे युवक – युवती को लिखना होता है कि वह शादी करने का इरादा रखते है और अपनों सहमति के साथ यह शादी कर रहे है।
  • इस शादी को करने से पहले से युवक – युवती को गवाहों के साथ रजिस्टार के समक्ष घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने होते है कि यह शादी बिना किसी जबरदस्ती या दबाब में कई जा रही है।
  • कोर्ट मैरिज करने की एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि जो युवक – युवती जिस जिले में कोर्ट मैरिज करना चाहा रहे है। उस जिले में दोनों कम से कम 30 दिनों से अधिक निवास कर चुके हो।
  • रजिस्टार के द्वारा युवक – युवती से भराये गए नोटिस को अपने बोर्ड पर लगा देता है।
  • इस नोटिस को लगाने का मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति को चाहे वह युवक के परिजन हो या युवती के परिजन हो दोनों में किसी को भी इस शादी से आपत्ति है तो वह रजिस्ट्रार के पास जाकर आपत्ति जता सकते है।
  • परिजनों या अन्य किसी व्यक्ति के द्वारा आपत्ति जताने पर रजिस्ट्रार इसका संज्ञान लेता है और अगर उसे लगता है कि शादी के खिलाफ जताई गई आपत्ति जायज तो वह इस शादी को तोड़ सखता है। अन्यथा इस शादी की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया जाता है।
  • आर्टिकल 12 के अंतर्गत यह शादी किसी मैरिज रजिस्टार कार्यालय पर हो सकती है।
  • कोर्ट मैरिज रजिस्ट्रेशन पूर्ण हों जो जाने के बाद मैरिज रजिस्टार पूरा ब्यौरा दर्ज करके के शादी प्रमाण पत्र जारी करता है। जो प्रमाणित करता है कि युवक – युवती दोनों अपनी सहमति से शादी कर चुके हैं।

कोर्ट मैरिज विवाह की फीस कितनी है? How much is the court marriage marriage fee?

जब कोई कोर्ट मैरिज विवाह करता है तो उसके लिए यह काफी महत्वपूर्ण सवाल बन जाता है कि आख़िर कोर्ट मैरिज विवाह करने में कितना खर्चा आएगा या फिर कोर्ट मैरिज करने की क्या फीस है। तो दोस्तो आज हम आपको क्लियर कर दे कि अगर आप कोर्ट मैरिज विवाह करते है तो इस्की सामान्य फीस 1000 रुपये आपको संबंधित अधिकारी को देने होंगें।

लेकिन दोस्तों अगर आप किसी वकील की मदद से सरकारी कागज़ातों की करवाई के आधार पर कोर्ट मैरिज विवाह (court marriage marriage) करते है तो 10000 रुपये से 20000 रुपये का खर्चा आ जायेगा। इसमे वकील फीस और अन्य कई तरह के शुल्क शामिल होते है।

कोर्ट मैरिज विवाह पर अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन Court Marriage Promotion Interracial Marriage On Marriage

भारत के लगभग हर राज्य में अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना (Inter-caste Marriage Incentive Scheme) का संचालन किया जा रहा है। जिसमे अगर कोई युवक – युवती जो अलग – अलग जाति के और कोर्ट मैरिज शादी कर रहे है तो सरकार की तरफ से उन्हें प्रोत्साहन राशि दे जाती है। सरल शब्दों में समझे तो अगर कोई युवक यक युवती दूसरे जाति के व्यक्ति के साथ कोर्ट मैरिज विवाह करते है तो उन्हें सरकार की तरफ से प्रोत्साहन को तौर पर 250000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

Court Marriage Related FAQ

क्या कोर्ट मैरिज शादी के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सकते है?

जी नही, कोर्ट मैरिज के ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध नही है। इसके लिए युवक- युवती को कोर्ट मैरिज अधिकारी के सामने पेश होना होगा।

कोर्ट मैरिज के लिए युवक – युवती की कितनी आयु होनी चाहिए?

कोर्ट मैरिज विवाह करने के लिए युवक की 21 साल और युवती की 18 साल की आयु पूर्ण होना चाहिए।

क्या कोर्ट मैरिज विवाह के समय माता – पिता का होना जरूरी है?

जी नही, ऐसा कोई नियम नही है। माता – पिता की अनुपस्थिति के युवक – युवती नियमो का पालन करते हुए कोर्ट मैरिज विवाह कर सकते है।

कोर्ट मैरिज विवाह की फ़ीस कितनी है?

कोर्ट मैरिज विवाह की सामान्य फ़ीस 1000 रुपये निर्धारित की गई है। बाकी फ़ीस की पूरी जानकारी ऊपर दी गयी है।

निष्कर्ष

दोस्तो आज जब हम कोर्ट मैरिज की बात करते है युवक – युवतियों के बीच इसका क्रेज़ काफ़ी बढ़ता जा रहा है। काफी ऐसे युवक – युवती है जो एक दूसरे को पसंद करते है लेकिन घरों वालो की सहमति न होने की बजह से उनकी शादी नही हो पाती है। ऐसे वह कोर्ट मैरिज विवाह की तरफ रुख करते है।

लेकिन कोर्ट मैरिज विवाह कैसे इसकी पूरी जानकारी नही होती है। इसलिए आज हमने अपने इस आर्टिकल में कोर्ट मैरिज क्या है? कोर्ट मैरिज कैसे करें? फीस, आयु सीमा आदि की पूरी जानकारी को शेयर किया है। आशा करता हूँ कि आपको कोर्ट मैरिज विवाह से जुड़ी सभी जानकारी हमारे इस आर्टिकल में मिल गयी होंगी।

आपको जाजानकारी कैसे लगी हमे कमेंट करके जरूर बताये और अगर आपका कोर्ट मैरिज विवाह से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप हमसें कमेंट करके पूछी है। वही अगर आपको दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों रिस्तेदारो के साथ जरूर शेयर करें।

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